ज़िन्दगी यूँ ही चलती रहेगी

ज़िन्दगी यूँ ही चलती रहेगी

चलो मान लिया अब तो की कोई अपना नहीं तो सोचती हूँ की कोई पराया भी नहीं |
फिर उन्ही रास्तों पर आकर खड़ी हो गयी जहाँ बचपन में पापा और माँ सीखाते थे की दो रास्तों में से एक सही रास्ता आपको ही चुनना है | बातें तो हर कोई कर लेता है पर क्या तुम उस बंद कमरे की चिल्लहाट सुन सकते हो ? हस्ते हुए तो बड़ी जल्दी पहचान लेते हो तुम पर कभी उस मुस्कान के पीछे की कहानी जानने की कोशिश की है ?

चलो कोई बात नहीं हर बार की तरह बोल देती हूँ “ज़िन्दगी है चलता है और बीत जाएगा”|

ये कभी मत भूलना “जो आप दिखाते हैं वो कभी भी आपकी सच्चाई नहीं होती, आपकी रूह के अलावा कोई आपका गवाह नहीं | हर दर्द के पीछे ख़ुशी छिपी है और हर ख़ुशी के पीछे कोई दर्द | पर ख़ुशी में सब साथ खड़े होंगे पर मरहम लगाने कोई नहीं आता |

बस अब और कुछ नहीं होंसले बुलंद कर कर, नादान परिंदा बनकर उड़ने दो मुझे | जो किसी का नहीं है बस अपने में गुम हुए बोहोत दूर चला जाना चाहता है |

आसान है आसूं पहचानना पर क्या आखों में नमी पहचान सकते हो? ( नहीं ) | बस मत रखो गुरूर इतना खुद पर की खुद ही पत्थर (अपने आप से ) से टकरा कर गिर जाओ, और फिर कोई उठाने नहीं आएगा |

बार बार कहती हूँ कि लोहे की तरह मज़बूत हूँ मैं पर क्यों वहीँ मोम की तरह पिघल जाती हूँ ?

 ” बस अब और नहीं “

 

Existence

I wanted to become different from the rest so I dressed up all my dreams and hopes. Even the greatest actors have a off day so who am I? The only thing is you have to find your own adventure that is what really matters?

existence
Those nasty yoyages will take you even longer. You will realize the content of your heart unless you apologize and regret.You are also lost in the same world which I go through. If I breathe the fire for than you are the warmth of it. If you wake up in middle of night than your are spooning your ghost.

Such things should not matter unless your thoughts are set free. Do not get ruin by someday else. How drunk you can be, how can you be chased by another person? you have been provided by senses. If you get chased by wonders of eyes that you look into, save that wonder. Probably, one day for sure that person will be chased by you.

Die many times but relive again hundred times. Like if petals once dropped from a flower can never fixed into the same your life. Lose a person, the same won’t be yours ever. yes! Love whatever you do either good or bad, confidence will take you to heights.

I may shine for you, If not wonders but the magic
If not the rain drops, I May be the warmth of sunshine
If not in the crowd, than on the empty road.
If not in your heart but in your brain forever

 

 

 

Silent Emotions

In the core of dark I wondered if I could shine. I was saddened because I wanted to see the scrubbed face of moon. I wanted him to see the woman behind the mask which I wore for society to accept me. I wanted to see beneath. All of sudden in the dark of universe moon whispered “Oh she is beautiful”, having known me for minutes I knew he had no interest in my years. Only HE’ showered the glitters of sparkle on my face. He said-” you are second nature to me, my girl outshines to this world of hatred and ego. Your mind, body and soul are protected by my light. You are my only moonbeam in world of dead space. You still are— don’t you ever forget that”. ( My Silent Emotions )
Floating around under his control I boiled my limits and excavations and just flew in air remembering that nobody is my real own, I (My soul) am myself. Moon gave me power to fight with speeches of unwholesome people. I know my capabilities, strength and power to be different and is not valued by society.
 I feel unfazed now because it’s the hobby of society to appreciate when you do bad, lose and fall. Why is it we walk away? weren’t we good enough? No matter if you wanted it to end or not, you’re left with a stigma of failure.
Tired on like a pair of trendy jeans that fit too tight and returned for a full refund? The reason I chose myself is self control and believe in your inner soul. Never allow anyone to direct your future. Only the silent emotions have a chance to partner you along your journey. So enjoy your ride with them.

The Imagination Of Imaginary Girl

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नादान परिंदा

चलो चलते हैं, पंख लगाओ और उड़ चले कही दूर | नादानगी कभी कभी अच्छी लगती है | चलो नादान बनकर परिंदो के साथ उड़ चले जहाँ मेरा – तेरा कोई न हो बस ज़िन्दगी यूँ ही चलती रहे | क्योंकि धुंध ही बोहोत है हम अपने आप को ही नहीं देख पते तो लोग क्या दिखेंगे | चलो अब जाने भी दो क्यों बाँध कर रख रहे हो मुझे? स्पष्ट रूप से कह तो दिया मेरा किसी से कोई वास्ता नहीं है फिर भी क्यों अनजान रूह बनकर आर पार भटकते हो? तुमने तो ढूंढ लिया है खुदको अब मुझे भी तालाश करने दो, क्यों बार बार रोक कर मेरा सुकून छीन लेते हो |

( आखिर अब मैं बनधनमुक्त हो ही गयी )
आसूं निकल पड़े खवाब में उसे जाता देख कर पर अच्छा ही हुआ अब मैं अकेली सैर पर जा सकती हूँ | इस धुंधले आसमान में कुछ नज़र तो नहीं आ रहा है पर नजाने अच्छा सा महसूस हो रहा है | देखा मैंने हर तरफ बस मैं ही मैं हूँ और झलक पड़ी निगाहों की मेरे चरणों पर तो पता चला पाँव तो अभी भी किसी वास्तु पर टिके हैं ( कितना ही प्रयास करलें आदमी हमेशा ज़मीन पर ही रहेगा ) और तब पता चला गुरूर कितना घातक साबित हो सकता है | फिर मायूसी सी छा गयी है होंठों से तो कुछ बयां नहीं कर पा रही थी पर अंतरआत्मा हड़बड़ा रही थी क्योंकि अकेला इंसान ज़्यादा समय तक खुश नहीं रह सकता ना | वो निराकार शक्ति तो मुक्त हो गयी थी मुझसे पर अब भी कहीं न कहीं मेरी अंतरआत्मा को उसके सवालों का जवाब वही दे रही थी | अच्छा लगा की अभी भी तुम मुझमें कहीं न कहीं बाकी हो |
” मजबूरी में जब कोई जुदा होता है ,
जरूरी नहीं की वो बेवफा हो ( वो तो मैंने कहा था तुम चले जाओ )
देकर वो आपकी आखों में आसूं ,
अकेले में भी आपके पास होता है ”

” आसूं निकल पड़े खवाब में उसे जाता देख कर पर अच्छा ही हुआ मैं अकेली ही सैर पर जा सकी ”
” अब एकदम से आखँ खुली तो एहसास हुआ सोते हुए भी कोई आँख में नमी ला सकता है “

कुछ अलफ़ाज़ सच्चाई के

हाँ , यूँ तो हम भी जीने का शोंक रखा करते थे | वो भी क्या दिन थे जब एक किलकारी से ही माँ भागी चली आती थी और पिता हमें हँसाने के लिए बस खुद को ही त्याग देते थे | बस ज़्यादा कुछ नहीं वक़्त बदल गया और साथ साथ हम भी | अब तो बस भगवान भी कहते हैं “कभी मिल भी जाया करो, हमेशा मांगने ही आते हो” | इस बस्ती में कौन मेरा है कौन तेरा है? मैं उसका हूँ, वो किसका हैं? बस यही बातें सोने नहीं देती | बस एक दूसरे को देख देख कर दिन काट रहे हैं लोग, यहाँ लोग आइना नहीं लोग देखते हैं |

कहाँ गयी वो सुकून की नींद?
जुदा होते हुए कभी खुश भी हुए हो? या सिर्फ बुरा ही लगा है? या बुरा ही लगना चाहिए? बताना ज़रा | दुःख को कभी झेलना भी सीखा है? या सिर्फ आसूं ही बहाये हैं | बस दो इंसान में फर्क सिर्फ इतना है कि एक आसूं पहचान लेता है तो दूसरा आँखों में नमी, अंतर तो बोहोत है दोनों में बाकि आप समझदार तो हो ही । कभी टूटे हुए फूल से पूछा है “हां केसा महसूस कर रहे हो? बताना ज़रा | क्या हमेशा जुबां पर ही विश्वास किआ है? या आँखे भी पढ़ कर देखीं है?
सवाल तो बोहोत है पर मैं पूछना नहीं चाहती, क्यों खुद को शर्मसार महसूस करना जब सामने पढ़ने वाला ही बे दिल हो तो?
अपना कर देखो किसी एक को | कोई एक वादा ( कसी से भी किया हो ) निभा कर तो देखो, कभी मुरझाये हुए को सहारा दे कर तो देखो, कभी राख को आग बना कर तो देखो, कभी झूठी मुस्कान को यथार्थ असली बना कर तो देखो, कभी ख्वाबो में ही सही किसी का अच्छा सोच कर तो देखो, कभी किसी का हो कर तो देखो और कभी समय निकाल कर इन शब्दों को पढ़ कर तो देखो, अच्छा लगेगा |
ट्विंकल ट्विंकल लिटल स्टार से कहाँ अब तारो से बातें करना सीख गए हैं | हम भी किसकी बातें कर रहे हैं “इंसान” की? अब वो इंसान रहा कहाँ है? तुम हो? सच में ? अभी भी सोच लो, घबराओ मत ज़ुल्म का इंजाम नहीं लगा रही हूँ, सच पूछ रही थी, हाँ आखिर वो तो कड़वा है ही |
बुरा हमेशा वही बनता है तो अच्छा बन कर टूट चुका होता है | क्या करें अब? आखिर मुझे भी आप ही की बस्ती में रहना है | रिश्ते तो बस नाखून की तरह हो गए हैं “बढे और काट कर फेक दिए” पर अच्छा ही है परायी चीजों को कोन अपना बनाता है | चलो छोड़ो ये बातें क्यों ये मुर्दा बदन लेकर घूम रहे हो? डाल दो इसमें भी कोई रूह ताकि कोई दुआओं में तुमको भी मांगे | :”))

Winter’s Bloom

Lagging all the useless memories behind I keep stepping with blush of my eyes in the cold winds. Thinking that my eyes has stolen the whole encyclopedia but my reckless mind is unaware of layer of ice atop on my skin and my body is defined by goose bumps and shivers. I don’t know what was happening to me. Than my heart delivered a message to me – “Darling you are used to warmth but not the cold breeze, when the sun decides to warm the earth you are grown to love in this frozen land”. That means I never meant to tilt towards this wintry.

Oh, lakes have turned into ice, I could not see anything, white flash light made its permanent residence. I can’t jump out of this smoggy world. Where am I ? Am I an alien to these creatures of new planet? Who am I? I can’t even recognize me. I simply left my existence, egotistical creatures denied to provide me mirror. I swear I didn’t get out and I don’t know if I ever will. In the condition of faint, seven colors of wonder appeared, just maddening me in every sense. I will drown into it, how fucking ironic.

Ever it happened to me? Yes, Oh Yes, the old that is strong does not wither as its the permanency of brain that it can only take possession of but can’t delete. It is the same person, same smile, same eyes and same enforceable power that had never let my spirit low. You were worth melting for and now had thrust my shoulders to put step ahead by shuffling the foggy flakes. You (power) showed me the sunbeam (golden light) in the white icy weather. I finally learned that within me there lay an inevitable summer (you).

SO I THANK “YOU” ALWAYS

DEDICATED

All that is gold does not glitter, not all those who wander are lost, deep roots are not reached by the frost – J.R.R TOLKIEN

The powers or things that excite to you are not fruitless they are connected to you for purpose. So do not waste your worry, as it’s the never ending summary. –Berry

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Always

To complain is always nonacceptance of what is. It invariably carries an unconscious negative charge. I blame myself for all the consequences occur. Polishing and beautifying the outer shells, for they lack true substance to understand , reality is always that genuine beauty is in the heart. Oh! But I’m sorry you didn’t meet with that purity of mine. It would be easy to become a victim of my circumstances and continue feeling sad, scared or angry; or instead, I could just wait for the things to be same as before. It is unfortunate that when you want to make some people feel like human beings, they begin to take you as an animal.
Though some essentials are to be kept in mind
Nothing is permanent , except feelings ( Proved by USA )
Though it’s emptiness (ALWAYS)
But no entrance for a new living being . ( PROHIBITED )
If possible too ( BUT )
Permanency of one,  remains the same.
Forever and ever
And you can’t Prove me wrong.