I am weak

Although I am the strongest with a rare smile.
I am weak where you stop fueling my inner conscience.
Iam weak where every possibility of hope is gone.
I am weak when my eyes are tired of smiling the real.
I am weak when every thunder is silent after the grave provocations.
I am weak when my hands starts shivering because my heart is paining.
I am weak when my ego is always shut down just to feel I am always ignored.
I am weak when all of my words for you become more or less important.
I am weak when I am not alive in the joy.
I am weak when My emotions are not fake.
I am weak when my hopeless hopes does not come back.
I am weak because I have soft heart in this cruel world.
I am weak because my purest heart sometimes become heartless.
I m weak because I wish to forgive the sinners and move on from it.
I am weak where close to the heart, the feeling no more resides.

Yes, I choose to be weak

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कुछ तो अभी भी बाकी है

वो कर के देखो जो तुम्हें अलग बनाए । अपनी क्रूर संगति से बाहर निकल कर देखो। कभी करीब रह कर देखो, अच्छा लगेगा। बेवफाई को वफ़ा में बदल कर देखो, कुछ नया कर कर देखो तो खुशी मिलेगी। गिले-शिकवे रखना अत्यंत आसान है परंतु प्रेम से रूह को सहार कर सजाने की कला भी तुम में नहीं है तो, इंसान नहीं हो तुम।

लड़ कर, बंधनों को तोड़ कर और दिल से किसी के लिए जी कर तो देखो। आप ही खुशी से झिलमिला कर कहेंगे “वाह जिंदगी, तू कितनी खूबसूरत है” । रिश्ते तोड़-तोड़ कर कब तक भागोगे? कभी टूटे हुए उस प्राणी से दिल का हाल जान लेना, उसे अच्छा लगेगा। वो तुम्हे ही तुम्हारी बर्बादी की मुबरकें देगा। शायद हम भूलते जा हैं कि दिल भी एह्साह महसूस करता है। हम अपने मन मस्तिष्क से लिए हुए फैसलों से अपने दिल की दिलग्गी को ही खत्म कर देते हैं। फिर तो तड़पना मुमकिन है। फिर मत जाना उसकी कब्र पर अपना रूखा चेहरा ले कर। अपनी जिंदगी की रास लीला आपके ही जेब में है, जीने का हक़ भी आप स्वयं रखते हैं और कोशिश करें कि आपके फैसले दिल से भी लिए गये हों । हम कार्य तो करते हैं परंतु कर्तव्य भूल जाते हैं। वादों से अपनी वाणी को खूबसूरत दीयों से सजा तो देते हैं पर भूल जातें हैं कि दीये को जलाये रखने के लिए घी की आवश्यकता है।

जैसे कोई वस्तु टूटती है हम उसे बदल कर नई रख देते हैं। वही हाल इंसानो का भी है, हम कोशिश ही नही कर सकते उस टूटी हुई वस्तु को जोड़ने की। उसी प्रकार हम समय बर्बाद करते हैं दूसरों को कोसते-कोसते पर क्या कभी वही समय किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए व्यतीत किया है?

तो ये उम्र जो बाकी है हस दो ज़रा खुल कर।

कुछ अच्छाई अब भी बाकी है

कोई रूह आज भी जिंदा है

कुछ तो अब भी बाकी है ।

बीते लम्हें

वो हर एक पल याद आता है हमें जिसे हम स्वयं याद करना चाहते हैं | कभी उन बीते लम्हों को भी याद कर कर देखो जिन्हें  हमने कभी याद करने का कष्ट उठाया ही नहीं | वो हर लम्हा उतना ही खूबसूरत था जितना हम आज अपने आप को पहचानते हैं | ये वही लम्हें हैं जिन्होंने आज हमें प्रगति की सीढ़ियों पर चढ़ाया है |

हर गलत को पहचानने से नकारा है तुमने,

बीते लम्हों को भी नज़रअंदाज़ किया है तुमने,

ख़ुशी तो वो भी थी जिसे हमने यादों का नाम दिया है

ज़िन्दगी तो वो भी थी जिसे हमने दर्द का नाम दिया है

हर वक़्त को निहारना सीखलो, न जाने कौन किसका वक़्त छीन ले

तू हर उस अनजान को दुखी देख कर एक मुस्कान दे दे

पल भर के लिए किसी की मुस्कान पर तारीफों के पुल बाँध ले

फिर शायद बंजर भी जन्नत लगने लगे |

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All I Know

I know it’s very easy but sometimes difficult too. What is difficult? Difficult is what we make an ‘easy’ to an ‘uneasy’. Faithfully, I know that whatever I have is so precious, no price can make it a real big or small. All that I need to do is to accept the unacceptable. the question is all about few hours to erase the negative thoughts. I’ll bow my head to let the negativity evaporate as fast as possible. I have seen the shining smiles converting into deep curves for basically no reason. Let me tell you that we, ourselves create those “reasons”.

A little gap between “forgetting” and being forgotten” their lies “remember”

All I know is to shine myself even in the dark

All I know is being simple but that too very sharp

All I know is to avoid the freaking world

All I know is to stay silent when everybody else twirled

All I know is not to fight when others bark

All I know is to never solve situations with a question mark

All I Know is to respect when others disrespect

All I Know is your smiles and pains both needs to be checked

All I know is to create the door for them who wants to leave

All I know is to let it go, if it is meant to be

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This Time It’s Late

  • I wish I could take back every pinch of my heart that I gave away. Did it make me selfish, or just regretful? All I know is I am proud of myself and my empty space full of my feelings. We have heard of “It’s Never Too Late”, but my conscience believes its late now. I have been provided chances and the same I gave them too. I recognized that none of them were worth of even approving it. Not because they didn’t utilize it at right time and right place but I was not at the same position where they stood. Being so sophisticated I was too tired to choose. Choose what? Either path to choose or the person with whom I can cover that path? So there came a point where I had to choose my own beliefs or the rest of the world. I choose myself. Ah! It was silence.

I realized to love myself. That kind of love can get you through anything.
After I choose priority of my soul over anything else, that was the phase of creaming the layers of my dark side with glitters. I didn’t care about anyone. Anyone means anyone. My self interest were above others.
When nobody supports, your own heart does.
And this era continues. Okay! I am That much powerful that nobody can let me down. I have the capacity to raise my standards high as well to make them low.
To shine, you have to use your own hidden spark. To grow, you have to use your own mind. To run, you have to use your own legs. So Owe your Own heart❤. You are precious as well.

Shout, scream or cry it’s all your choice

Okay! Through deep smile lets create some Noise,

They are actually watching you all day

Create your own silence in their way

फिर कुछ धुंधला सा है

आज फिर से चाँद धुंधला धुंधला सा है | यकीनन आज फिर से मेरी आँख खुली | क्योंकि आज फिर कोई ज़ख़्म मिलेगा, ऐ दिल तैयार रह, लोग फिर से प्यार से पेश आ रहे हैं | ज़ख़्मी चाँद ने फिर से आज ‘आह’ भरी और प्रशनों के तीर बांधता गया | कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि जैसे कुछ अलग सा है, कुछ अलग जो तुम मे नहीं है |
यूँ ही बैठी बैठी सोचने लगी कि हम हंस तो लेते हैं पर मुस्कुराना नहीं जानते | उसी वक़्त चाँद भी मुझे देख कर मुस्कुरा दिया | “चलो कोई अपना तो है” हम सहानुभूति तो दे देते हैं पर कदर करना नहीं जानते | हम प्यार कर तो बैठते हैं पर प्यार निभाना नहीं जानते | हम अपने आप को खुद इतना तोड़ लेते हैं कि बाद में कसूरवार किसी दुसरो को ठेराह सकें | कितनी अजीब दास्ताँ है |
इस मतलब कि दुनिया ने हमें पत्थर कि तरह पिघलाया भी है और मज़बूत भी उतना ही बनाया है | बदन के पीछे भागते लोगों से रूह का मतलब मत पूछना, कहीं तुम भी उसी ओर न चल भागो | बदकिस्मती को किस्मती में बदलना आपका ही कार्य है और बदसूरती में ख़ूबसूरती परखना भी | प्रशनों के तीर कसूरवार से तब बांधिएगा जब खुद जवाबों कि तार में खड़े होना सीख जाओ | गलतियां करने वाले भी दूसरों को माफ़ किया करते हैं, तो आप भी उनके दिल कि कदर करें |

यह सब बातें मैं अक्सर अपने आप से और चंदा को साथ बैठा कर किया करती थी और आज वही चंदा आस्मां से गिर कर प्यार कि रौशनी बनकर मेरे साथ बैठा, मेरी एकांत तन्हाईयाँ सुन रहा था |

“हाँ आज फिर कुछ धुंधला धुंधला सा है”

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Happy Deewali

इस दीपावली के शुभ अवसर पर चलो एक प्रतिज्ञा लें ( केवल वही लोग लें जो प्रयास तक करने में इच्छुक हों ) कि यदि हम कभी भी किसी का बुरा न सोचकर उस बुरी सोच को ही खत्म कर दें तो हम कितने सरल हो जाएंगे । कभी- कभी मेरे दिल में खयाल आता है क्यों हमारी इंसानों की बस्ती में इतने चेहरे हैं? अरे अपनी असलियत छिपाना तो इस मनुष्य की कला बनती जा रही है।  हर साल यह दिन आता है और हर साल आप लोग दीपक जलाते हैं, ये पटाखे फोड़ कर आप अपने आप के राक्षस को क्यों नहीं मार देते? क्यों पवित्र दीयों को भी खराब कर रहे हैं? उन मजदूरों की मेहनत का ज़रा तो ख्याल कीजिये जो मेहनत से उन्हें बनाते हैं और केवल न के बराबर मूल्य में उन्हें बेचते हैं। आइये एक पल और सोच लिया जाए क्या हम कुछ पल शांत रह कर आत्मनिरीक्षण कर सकते हैं?

 बार बार दूसरों को कोसना तो हमारी आदत सी बन गयी है, बात दीजिये कितनी बार अपनी गलतियों को स्वयं ढूंढने का प्रयास किया है? जो स्वयं को प्रसन्न करे वही कीजिये, बाकी दुनिया तो अपना पैर हर जगह डालती है। इस दीपावली के शुभ अवसर पर आइये उस हर चीज़ को अपने अंतर्मन से मिटा दें जो आपपर हावी पड़ती हैं। और उन्हें अपने दिल के द्वार से स्वागत कर कर बुलाएं जो आपको सुकून देती हैं।  कोई आपका तब तक नहीं होता जब तक आप स्वयं उसे अपना बनाने का प्रयास नहीं करते।

जैसे हम अपनी खोई हुई वस्तु को ढूंढते हैं, तो क्या हम खोया हुआ कोई अपने को नहीं ढूंढ सकते?

जवाब दे दीजिए

 हर उस इंसान से माफी मांगिये जिसने आपकी वजह या बेवजह से आंसू बहाये, असल में तो दीवाली आपकी तब मनाई जाएगी और जाते जाते एक कार्य और करते जाइये यह सब करने के बाद (अगर हिम्मत रखते हैं) तो अपने जन्मदाता माता और पिता को बताएगा उन्हें अत्यंत प्रसन्ता मिलेगी । आप नीचे नहीं और ऊंचे हो जाएंगे। बाकी आपकी मर्जी , जबरदस्ती तो आज के ज़माने में कोई किसी से नहीं कर सकता।

प्रभु से कुछ भी मांगने से पहले सोचिये, और सोचने से पहले समझिएगा ज़रूर ।
जय हिंद